What is Solenoid Valve? | How Many Types of Solenoid Valve? | सोलेनोइड वाल्व क्या होता है?

What is Solenoid Valve? | How Many Types of Solenoid Valve? | सोलेनोइड वाल्व क्या होता है?

यहाँ हम आपको what is solenoid valve in Hindi? में और how many types of solenoid valve in Hindi? में बताएंगे जिससे आपको how solenoid valve works? के बारे में भी अच्छे से सिखाएंगे।

सोलेनोइड वाल्व एक विद्युत यांत्रिक उपकरण है। इसका उपयोग विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में बदलने के लिए किया जाता है जो विद्युत धारा से खुलता है और बंद होता है। इसका उपयोग तरल, गैस, हवा के बहाव को नियंत्रित करने के काम आता है।

What is Solenoid Valve? | How Many Types of Solenoid Valve? | सोलेनोइड वाल्व क्या होता है?

जब इसमें विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है तब solenoid coil में magnetic field बनता है और magnetic force से अंदर लगा प्लॅनजर (छोटी पिन) ऊपर-नीच होता है और वाल्व खुलता और बंद होता है।

सोलेनोइड वाल्व, यह फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण का सिद्धांत का उपयोग करके विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक गति में बदलता है।

फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण का सिद्धांत

फैराडे का विद्युत चुंबकीय प्रेरण सिद्धांत (सन् 1831) बताता है कि जब भी किसी बंद परिपथ (कुंडली) से गुजरने वाले चुंबकीय फ्लक्स (magnetic flux) में परिवर्तन होता है, तो उसमें एक प्रेरित विद्युत वाहक बल (EMF) उत्पन्न हो जाता है। यह EMF तब तक रहता है जब तक फ्लक्स में परिवर्तन होता रहता है, और इसे प्रेरित धारा (induced current) कहते हैं

फैराडे का विद्युत चुंबकीय प्रेरण सिद्धांत का पूरा नियम यहाँ पढ़ें।

Main Parts of Solenoid Valve? | सोलेनोइड वाल्व के मुख्य भाग कौन से है?

Solenoid valve के अंदर 3 मुख्य पार्ट होते हैं

  1. Coil(कुंडली)-इसमें बिजली जाती है
  2. Plunger (लोहे की पिन) प्रेरित विद्युत वाहक बल (EMF) उत्पन्न होने पर खिचती है
  3. Spring (स्प्रिंग)-बिजली बंद कर देने पर plunger को वापस धकेलती है
  4. Valve Body जिसमें गैस/द्रव बहता है

How Solenoid Valve Works? | सोलेनोइड वाल्व कैसे कार्य करता है?

  1. जब बिजली चालू होती है- सोलेनोइड वाल्व के coil में विद्युत धारा प्रवाहित होती है तो चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है जो प्लॅनजर को ऊपर खींचता है और वाल्व खुल जाता है
  2. जब बिजली बंद होती है- सोलेनोइड वाल्व के coil में विद्युत धारा प्रवाहित नहीं होती है तो चुंबकीय क्षेत्र खत्म हो जाता है और स्प्रिंग के दबाब से प्लॅनजर नीचे आ जाता है और वाल्व बंद हो जाता है

How many types of Solenoid Valve? | सोलेनोइड वाल्व कितने प्रकार के होते है?

Main Parts of Solenoid Valve? | सोलेनोइड वाल्व के मुख्य भाग कौन से है?

  1. संचालन के अनुसार (Based on Operation)
    • डायरेक्ट-एक्टिंग (Direct-Acting): यह सीधे प्लंजर की मदद से वाल्व को खोलता/बंद करता है और शून्य(Zero Pressure) दबाव पर भी काम कर सकता है।
    • पायलेट-ओपेरटेड (Pilot-Operated): यह दबाव के अंतर (pressure difference) का उपयोग करता है, जिससे उच्च प्रवाह (High flow) वाले अनुप्रयोगों में आसानी होती है।
    • लैचिंग सोलेनोइड (Latching/Bi-stable): यह क्षणिक विद्युत आपूर्ति (pulse) से चलता है और बंद होने पर भी अपनी स्थिति बनाए रखता है, जिससे बिजली की खपत कम होती है।
  2. पोर्ट/रास्ते के अनुसार (Based on Ports/Ways):
    • 2-वे वाल्व (2/2 Way Solenoid Valve): इसमें दो पोर्ट (इनलेट और आउटलेट) होते हैं, जो एक साधारण ऑन-ऑफ क्रिया प्रदान करते हैं। इसमें 2 पोर्ट और 2 पज़िशन (ओपन और क्लोज़) होती है
    • 3-वे वाल्व (3/2 Way Solenoid Valve): इसमें 3 पोर्ट होते हैं जिसमें एक इनलेट और एक आउटलेट और तीसरा इग्ज़ॉस्ट होता है और 2 पज़िशन (ओपन और क्लोज़) होती है इसमें जो तीसरा पोर्ट होता वह इग्ज़ॉस्ट पोर्ट होता है जिसमें एयर की ध्वनि को कम करने के लिए मफ़लर लगाए जाता है, जिनका उपयोग सामान्यतः एयर सिलिंडर (Single Acting) को सक्रिय करने के लिए किया जाता है।
    • 4-वे वाल्व (4/2 Way Solenoid Valve): इसमें 4 पोर्ट होते हैं जिसमें एक इनलेट और दो आउटलेट और तीसरा इग्ज़ॉस्ट होता है और 2 पज़िशन (ओपन और क्लोज़) होती है इसमें जो तीसरा पोर्ट होता वह इग्ज़ॉस्ट पोर्ट होता है जिसमें एयर की ध्वनि को कम करने के लिए मफ़लर लगाए जाता है, इनका उपयोग डबल ऐक्टिंग सिलिंडर को चलाने के लिए किया जाता है और जटिल हाइड्रोलिक या न्यूमेटिक सिस्टम में किया जाता है।
    • 5-वे वाल्व (5/2 Way Solenoid Valve): इसमें 5 पोर्ट होते हैं जिसमें एक इनलेट और दो आउटलेट और दो पोर्ट इग्ज़ॉस्ट होते है और 2 पज़िशन (ओपन और क्लोज़) होती है इसमें जो दो पोर्ट होते है वह इग्ज़ॉस्ट पोर्ट होते है जिसमें एयर की ध्वनि को कम करने के लिए मफ़लर लगाए जाता है दोनों इग्ज़ॉस्ट दोनों आउटलेट के लिए प्रयोग किए जाते है।
    • 5/3वे वाल्व (5/3 Way Solenoid Valve): इसमें एक इनलेट, दो आउटलेट, और दो एग्जॉस्ट पोर्ट होते हैं। 5/3 सोलेनोइड वाल्व एक में 5-पोर्ट होते है और 3-स्थिति (Position) वाला डायरेक्शनल कंट्रोल सोलेनोइड वाल्व है, जो मुख्यतः डबल-एक्टिंग सिलेंडर की दिशा और स्थिति (आगे, पीछे, या बीच में होल्ड) को नियंत्रित करता है। इसमें दो कोइल (Double Solenoid) होते हैं, और दोनों के बंद होने पर वाल्व स्प्रिंग के जरिए सेंटर (मध्य) स्थिति में आ जाता है, जिससे सिलेंडर की स्थिति सुरक्षित रूप से होल्ड रहती है।

उपयोग: इसका उपयोग ऑटोमेशन, हाइड्रोलिक और न्यूमेटिक सिस्टम में सिलेंडर को रोकने या दिशा बदलने के लिए किया जाता है।

यह वाल्व मुख्य रूप से उन जगहों पर इस्तेमाल होता है, जहाँ सिलेंडर को अचानक बीच में रोकना हो या होल्ड करना हो।

  1. अवस्था के अनुसार (Based on State):
  • सामान्यतः बंद (Normally Closed – NC): बिजली नहीं होने पर बंद रहते हैं।
  • सामान्यतः खुले (Normally Open – NO): बिजली नहीं होने पर खुले रहते हैं।
  1. विशेष प्रकार (Special Types):
  • NAMUR माउंट: रोटरी न्यूमेटिक एक्चुएटर्स के लिए विशेष वाल्व होते है।
  • स्टेन लेस स्टील वाल्व: संक्षारक (corrosive) तरल पदार्थों के लिए अलग सोलेनोइड वाल्व होते है।
  1. Voltage भी अलग-अलग होते हैं
  • 12V DC
  • 24V DC
  • 24V AC
  • 220V AC

Real Life Example

  1. Washing Machine
  • मशीन ON → solenoid valve खुला
  • पानी भर गया → valve बंद
  1. RO purifier
  • tank full → valve बंद
  • tank empty → valve open
  1. खेत की automatic सिंचाई
  • timer ON → पानी चालू
  • timer OFF → पानी बंद

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